नए रिकॉर्ड , चेन्नई टेस्ट में इंग्लैंड पर एक पारी और 75 रनों की शानदार जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली

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चेन्नई में इंग्लैंड को एक पारी और 75 रनों से करारी मात देकर भारत ने पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 4-0 से जीत ली. आखिरी दिन मैच बचाने के लिए मैदान में उतरी इंग्लैंड की टीम दूसरी पारी में 88 ओवरों में 207 रनों पर सिमट गई. भारत की ओर से पहली पारी में नाबाद 303 रन बनाने वाले करुण नायर को ‘मैन ऑफ द मैच’ के खिताब से नवाजा गया. इसके अलावा पूरी सीरीज में अपने बल्ले से शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय कप्तान विराट कोहली को ‘मैन ऑफ द सीरीज’ घोषित किया गया. कोहली ने आठ पारियों में कुल 655 रनों का पहाड़ खड़ा किया.

नए रिकॉर्ड

चेन्नई में इस जीत के साथ भारत ने लगातार 18 टेस्ट मैचों में अजेय रहने का नया रिकॉर्ड अपने नाम किया. इससे सितंबर 1985 से लेकर मार्च 1987 तक बना वह रिकॉर्ड टूटा जब भारत लगातार 17 मैचों में अजेय रहा था. इंग्लैंड से कोई टेस्ट सीरीज जीतने के लिहाज से भी भारत ने एक नया रिकॉर्ड बनाया. इससे पहले इंग्लैंड पर सबसे बड़ी जीत उसे 1993 में मिली थी जब अजहरुद्दीन की कप्तानी में उसने इंग्लैंड को 3-0 से हराया था.

चेन्नई में इस जीत के साथ विराट कोहली बिना कोई मैच हारे सबसे ज्यादा टेस्ट खेलने वाले कप्तान भी बन गए हैं. उन्होंने कपिल देव का रिकॉर्ड तोड़ा जिनकी कप्तानी में भारत 17 मैच बिना हारे खेला था. इस मैच में भारत ने टेस्ट मैचों में अपना अब तक का सबसे बड़ा स्कोर भी बनाया. उसने सात विकेट खोकर 759 रन बन बनाए. इससे पहले भारत ने 2009 में श्रीलंका के खिलाफ नौ विकेट खोकर 726 रन बनाए थे.

दिलचस्प यह भी है कि टेस्ट के लिहाज से चेन्नई भारतीय टीम के लिए सबसे सफल मैदान है. भारत ने चेन्नई में अब तक कुल 14 टेस्ट मैच जीते हैं. पिछले 17 साल के दौरान भारतीय टीम ने चेन्नई में सात टेस्ट मैच खेले हैं और इनमें किसी में भी उसे हार का सामना नहीं करना पड़ा.

रिकॉर्ड जो छूट गए

वैसे इस मैच में कुछ रिकॉर्ड ऐसे भी रहे जिनके टूटने की सब उम्मीद कर रहे थे पर ऐसा होने से रह गया. मुंबई के तीसरे टेस्‍ट के बाद आर अश्विन के खाते में 43 टेस्‍ट में 247 विकेट थे. तीन टेस्ट मैचों में उनका गजब प्रदर्शन देखते हुए सबको यकीन था कि चेन्नई में तीन विकेट लेकर वे सबसे तेज गति से 250 विकेट लेने के ऑस्‍ट्रेलियाई महान तेज गेंदबाज डेनिस लिली के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे. यह उनका घरेलू मैदान भी है इसलिए मंच उनके लिए ही सजा था.

लेकिन ऐसा न हो सका. अश्विन सिर्फ एक विकेट ले सके. बल्कि इस मैच को उनके अब तक के सबसे बुरे प्रदर्शनों के लिए भी याद रखा जा सकता है. पहली पारी में उन्होंने 44 ओवर देकर 151 रन दिए और सिर्फ एक विकेट लिया. यह सिर्फ दूसरी बार है जब उन्होंने एक पारी में 150 से ज्यादा रन दिए और सिर्फ एक विकेट हासिल किया. पहली बार यह तब हुआ था जब उनके शुरुआती दिन थे. 2011-12 में हुई एक सीरीज में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में 157 रन लुटा दिए थे और वे एक भी विकेट नहीं ले पाए थे.

यह भी उम्मीद की जा रही थी कि इस मैच में विराट कोहली एक टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे. 774 रनों का यह रिकॉर्ड सुनील गावस्कर के नाम है जिन्होंने इसे 1970-71 में वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाया था. शानदार फॉर्म के साथ कोहली पहले चार मैचों में 640 रन बना चुके थे. लेकिन इस मैच में वे 15 रन ही बना पाए. हालांकि इस जीत की इतनी बड़ी धमक में इसका अफसोस शायद ही किसी को हो.

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