604f9e9f-d814-4a0a-92a2-c5bda3a0753bमुंबई, N.I.T : सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म ‘लिपिस्टिक अंडर माय बुर्का’ को मंजूरी न देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. खुद सेंसर बोर्ड के सदस्य अशोक पंडित ने बोर्ड के इस फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसके अध्यक्ष पहलाज निहलानी पर निशाना साधा है. समाचार एजेंसी एएनआई केमुताबिक उन्होंने कहा, ‘आप (पहलाज निहलानी) कलाकारों और निर्माताओं के विश्वास को तोड़ रहे हैं. इसलिए मैं भारतीय फिल्म और टेलीविजन निर्देशकों के संगठन की ओर से अपील करता हूं कि श्याम बेनेगल समिति की सिफारिशों को तुरंत लागू किया जाए.’

अशोक पंडित ने सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी के रवैए को फिल्म उद्योग के लिए बड़ा खतरा बताया. उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड के इस तानाशाहीपूर्ण फैसले से प्रकाश झा जैसे जाने-माने फिल्म निर्माता को परेशान होना पड़ रहा है.

‘लिपिस्टिक अंडर माय बुर्का’ की शूटिंग में भोपाल में हुई है. इसकी कहानी चार महिलाओं की आकांक्षाओं पर केंद्रित है. फिल्म का निर्देशन अलंकृता श्रीवास्तव ने किया है. इसे अब तक अलग-अलग फिल्म फेस्टिवल में कई पुरस्कार मिल चुके हैं. इसमें टोक्यो फिल्म फेस्टिवल का ‘स्पिरिट ऑफ एशिया’ अवार्ड भी शामिल है. हालांकि, सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को यह कहते हुए मंजूरी नहीं दी है कि यह फिल्म जीवन से परे फंतासियों पर आधारित है. उसका यह भी कहना है कि अंतरंग दृश्यों, अपशब्दों और ऑडियो पोर्नोग्राफी जैसे कारणों के चलते इस फिल्म को मंजूरी नहीं दी सकती।