दसवीं के 5 बच्चों को 3 करोड़ की फंडिंग

जयपुर, N.I.T : दसवीं के बोर्ड एग्जाम की तैयारी में जुटे राजस्थान की राजधानी जयपुर के पांच दोस्तों का लक्ष्य दस दिन बाद बिल्कुल बदल जाएगा. 25 मार्च को आखिरी पर्चा देने के बाद पांचों अपने स्कूल टाइम प्राजेक्ट को रियल टाइम बिजनेस मॉड्यूल के रूप में खड़ा करने के लक्ष्य में जुट जाएंगे. दुनिया भले ही इनकी उम्र खेलने-कूदने वाली बताए लेकिन इनके इस प्रोजेक्ट के लिए एक कंपनी ने 3 करोड़ की फंडिंग भी कर दी है. और जल्द ही स्कूल गोइंग चैतन्य गौलेछा, मृगांक गुर्जर, क्षितिज, राघव और भव्य इस प्रोजेक्ट की सेल्स एंड मार्केटिंग कमान संभालने जा रहे हैं.

ऐसे मिला 3 करोड़ रुपए का फंड

दसवीं के 5 बच्चों को 3 करोड़ की फंडिंग, स्कूल की छुटि्टयों में खड़ी करेंगे अपनी कंपनी

फोटो- चैतन्य(बाएं) और मृगांक(दाएं).

दसवीं क्लास के इन बच्चों के प्रोजेक्ट को 3 करोड़ रुपए की फंडिंग की बात सभी को चौंकाने वाली जरूर है लेकिन सच है. जयपुर के एक प्राइवेट स्कूल के चैतन्य गौलेछा, मृगांक गुर्जर, क्षितिज, राघव और भव्य ने अपनी मेहनत और टेलेंट के दम पर यह फंड इंदौर में आयोजित हुए एक एक्सपो में जुटाया है. यूनिक आइडिया इंदौर के एक बिजनेस ग्रुप को इतना भाया कि उन्होंने तीन करोड़ रुपए फंड देने को तैयार हो गया. यह फंड स्टार्टअप्स की फंडिंग के लिए आईआईएम इंदौर की ओर से आयोजित आई-एक्सपो के जरिए मिला.

क्या है इनका यूनिक आइडिया?

जयपुर के चैतन्य और इसके साथियों ने पिछले वर्ष अप्रैल में स्कूल के एक कॉम्पिटिशन के लिए यह प्रोजेक्ट ‘इनफ्यूजन बेवरेज’ बनाया था. इसमें उन्होंने कोल्ड ड्रिंक और सोड के रिप्लेसमेंट के रूप में ऐसा ड्रिंक तैयार किया जिसमें कोई हानिकार तत्व या किसी तरह का प्रिजरवेटिव नहीं मिलाया गया. जीरो कैलोरी और सुगरलेस ड्रिंक बिल्कुल पानी की तरह लेकिन मीठी और फ्लेवर्ड बनाई गई. इसे फ्रूट एक्सट्रैक्ट से प्रिपेयर किया गया.

स्कूल, कॉलेज के कॉम्पिटिशन से जीत 3.25 लाख से मदद

चैतन्य ने न्यूज18हिंदी को बताया कि उन्होंने स्कूल के लिए जो प्रोजेक्ट बनाया था उसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला तो हमने दूसरे कॉलेज और इंस्टीट्यूशन्स के कॉम्पिटिशन्स में भी जाने की सोची. आईआईटी कानपुर, एमएनआईटी, वीआईटी जैसे संस्थानों में हमने इससे करीब सवा तीन लाख रुपए की प्राइज मनी जीती. इस प्राइजमनी से हमने इस प्रोजेक्ट को स्टार्टअप एक्सपो से पहले और बेहतर बनाया. कोशिश की तो पेटेंट भी मिल गया और इंदौर के इनवेस्टर और रियल एस्टेट प्लेयर प्रदीप कुमार जैन से 3 करोड़ का निवेश ऑफर भी मिला.

स्कूल एग्जाम के बाद से प्रोजेक्ट पर ध्यान, मई तक प्लांट शुरू

मृगांक ने बताया कि बोर्ड एग्जाम 25 मार्च को खत्म हो रहे है और उसके बाद से हम तीनों दोस्त इस प्रोजेक्ट के अगले स्टेज के लिए काम शुरू कर देंगे. हमारी फर्म सीजीएम फूड एंड बेवरेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रजिस्टर्ड हो चुकी है और मई से इंदौर में प्रोडक्टशन शुरू हो जाएगा. प्रोडेक्शन का सारा जिम्मा फंडिंग करने वाली फर्म के पास होगा जबकि मार्केटिंग और सेल्स की जिम्मेदारी हमारे पास रहेगी. फिलहाल कई कंपनियों के साथ मार्केटिंग और सेल्स की बात चल रही है और एग्जाम के बाद इसपर मिलकर फैसला ले लेंगे. चैतन्य बताते हैं कि अगले तीन साल में हमारा लक्ष्य अपने प्रोडक्ट को राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड और दिल्ली तक पहुंचाना है.

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