फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली मॉडल प्रीति जैन को मुंबई की सिविल और सत्र अदालत ने शुक्रवार को हत्या की साजिश रचने के आरोप में तीन साल की सजा सुनाई है. अदालत ने प्रीति जैन के अलावा दो अन्य नरेश परदेसी और शिवराम दास को भी दोषी पाते हुए तीन साल की सजा सुनाई. दो अन्य को सबूतों के अभाव में आरोपों से बरी कर दिया गया. हालांकि अदालत ने तीनों दोषियों को अपील करने के लिए चार हफ्तों का समय देते हुए जमानत दे दी.

यह मामला साल सितंबर 2005 का है. मॉडल प्रीति जैन पर आरोप था कि उन्होंने अंडरवर्ल्ड डॉन रहे और अब नेता बन चुके अरुण गवली के सहयोगी नरेश परदेसी को भंडारकर की हत्या के लिए 75 हजार की सुपारी दी थी. इसके एक साल पहले प्रीति जैन ने आरोप लगाया था कि 1999 से 2004 के बीच मधुर भंडारकर ने कई बार उनके साथ बलात्कार किया था. प्रीति के मुताबिक भंडारकर ने यह सब फिल्मों में काम देने और शादी का प्रलोभन देकर किया, पर बाद में वे मुकर गए. उन्होंने यह भी कहा था कि भंडारकर ने मामला उजागर करने पर जान से मारने की धमकी भी दी. अपने आरोप के समर्थन में प्रीति ने भंडारकर की ओर से उन्हें भेजे गए एसएमएस दिखाए थे.

पुलिस ने 2007 में मामले की जांच करने के बाद मधुर भंडारकर को क्लीन चिट दे दी थी. इसके खिलाफ प्रीति अंधेरी कोर्ट गई थीं. कोर्ट ने क्लीन चिट दिए जाने को गलत ठहराते हुए 2009 में पुलिस से दोबारा जांच करने को कहा. यही नहीं कोर्ट ने प्रीति के दिए सबूतों के आधार पर मधुर भंडारकर पर बलात्कार का केस चलाने का आदेश दिया. भंडारकर ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की. अपील खारिज होने पर वे सुप्रीम कोर्ट गए जिसने 2012 में भंडारकर पर बलात्कार का मामला चलाने का आदेश खारिज कर दिया.