जीएसटी का असर गैस 28 रूपए, देषी घी 45 रूपए महंगा, दुपहिया वाहन हुए सस्ते

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फ़िरोज़ खान, बारां, N.I.T :  केंद्र सरकार देश में जीएसटी लागू कर दावा कर रही थी कि जीएसटी का सीधा असर आम गरीब उपभोक्ता पर नही होगा। आम उपभोग की चीजें सस्ती होगी तथा गरीब की क्रय शक्ति बढेगी। जीएसटी को लगे अभी चंद घंटे भी नही हुए कि शहर के कारोबारी क्षेत्र में सबसे पहला असर गृहणियों को उठाना पडा जहां गैस सिलेण्डर के दाम अचानक बढकर 28 रूपए प्रति सिलेण्डर महंगे हो गए। गैस कंपनी के प्रबंधकों ने बताया कि पहले गैस पर जीएसटी नही था लेकिन सरकार द्वारा 5 प्रतिशत जीएसटी लगा दिए जाने के बाद जहां गैस सिलेण्डर पर 28 रूपए की बढोतरी हो गई वहीं गरीब के काम आने वाले नीले केरोसीन पर भी एक रूपए प्रति लीटर अधिक वसूला जाएगा। तो दूसरी ओर दूसरा बडा असर घर-घर में काम आने वाले देशी घी पर हुआ। जिसके भाव जीएसटी के बाद 45 रूपए प्रति लीटर बढ गए। 400 रूपए किलो देशी का डिब्बा 12 प्रतिशत जीएसटी लगने के बाद 48 रूपए महंगा हो गया। यही हालात आम आदमी के उपभोग में काम आने वाले आटा, दाल, बेसन जैसी वस्तुओं पर भी दिखाई दिया। एक तरफ तो सरकार ने बताया कि खुले में बिकने वाले आटा, दाल, बेसन पर जीएसटी जीरो प्रतिशत रहेगी लेकिन दूसरी तरफ सरकार ने खुला आटा, दाल, बेसन, मेदा की बिक्री पर पूरी तरह मिलावट की आशंका के चलते बेन लगा रखा है। ऐसे हालात में ग्राहकों को पैकिट बंद ब्राण्डेड आटा, बेसन, मेदा के भाव भी पहले से पांच प्रतिशत अधिक चुकाने को मजबूर होना पड रहा है। बेसन के भाव में जहां साढे तीन रूपए किलो की बढोतरी देखी गई वहीं शक्कर के भाव भी एक रूपए प्रति किलो बढ गए। कुछ व्यापारियों ने बताया कि सरकार दावा कर रही थी कि बडी संख्या में व्यापारियों को बीस लाख के दायरे में मानकर जीएसटी से मुक्त कर दिया गया। व्यापारियों ने बताया कि इसमें पूरी तरह से छोटे व्यापारियों को ठगा गया है। बीस लाख से कम का कारोबार करने वाले व्यापारियों को दुकान पर बेचने वाला माल तो जीएसटी चुकाकर करना पडेगा लेकिन उन्हें जीएसटी से वसूल करने के अधिकार नही होने से उन्हें इसका इनपुट नही मिल सकेगा।ऐसी हालत में बीस लाख से कम का व्यापार करने वाले व्यापारी नही होकर उपभोक्ता की श्रेणी में खडे हो जाएंगे। वहीं जीएसटी का अगर कई लाभ दिखाई दिया तो वाहनों पर दिखाई दिया। आज दुपहिया वाहनों की कीमतों में चार हजार से पांच हजार तक की कमी की जानकारी मिली है। एक्टिवा स्कूटर जो 65 हजार के लगभग बेचा जा रहा था उसकी कीमत 61 हजार रह गई। वही बजाज, होण्डा तथा टीवीएस की गाडियों में भी चार से पांच हजार की कमी देखी गई।

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