झारखंड के ग्रामीण इलाकों में खेती का चलन में बदलाव

vlcsnap-2017-07-11-14h01m22s508डेस्क, खूंटी/झारखंड, N.I.T : खूंटी के ग्रामीण इलाकों में खेती का चलन बदलता जा रहा है. ग्रामीण परंपरागत खेती के साथ-साथ अब मचान खेती की ओर भी अग्रसार होने लगे हैं. जिले के तोरपा प्रखंड के खरकई एवं जीबीलौंग गांव में पिछले दो-तीन सालों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मचान खेती को अपनाया है.

मचान खेती में ग्रामीण मुख्य रूप से बेल-लतर वाली फसलों जैसे कद्दू, खीरा, करेला व अन्य प्रकार की खेती कर रहे हैं. स्थानीय तौर पर काम कर रहे महिला विकास केन्द्र के जरिए ग्रामीणों में मचान खेती को लेकर काफी जागरूकता आई है. खरकई गांव के जॉन तोपनो के मुताबिक इस साल से ही मचान खेती शुरू की है. इससे कीटनाशक दवा के छिड़काव में सहूलियत होती है. सब्जियों भी बेहतर आकार में आ रही हैं. इससे उम्मीद है कि बाजार में बेचने में आसानी होगी.

ग्रामीण मिलन तिरू के अनुसार मचान खेती करने से काफी लाभ हो रहा है. ज्यादा मात्रा में फल आ रहे हैं. बाजार में भी फसलों की अच्छी कीमत मिल रही है. ग्रामीणों में आए इस बदलाव को देखने और इससे प्रेरित होने के लिए आसपास के कई गांवों से भी लोग उन्हें देखने आने लगे हैं जिसके कारण ग्रामीणों में बेहद उत्साह नजर आ रहा है. मचान खेती के जरिए ग्रामीणों ने आर्थिक स्थिति भी बेहतर होने और जीवन स्तर में बदलाव लाने की बात कही है.

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