जजों के मन की बात, कही भारी न पढ़ जाए मोदी के मन की बात पर

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नई दिल्ली, N.I.T : स्वतंत्र भारत और सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में आज पहली बार शीर्ष अदालत के चार जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. इस दौरान उन्होंने पूरे देश से सुप्रीम कोर्ट को बचाने की अपील की है. कॉन्फ्रेंस करने वालों में जस्टिस मदन बी लोकुर, कुरियन जोसेफ, रंजन गोगोई और जे चेलामेश्वर शामिल हैं. इन जजों का आरोप है कि बीते कुछ अरसे से सुप्रीम कोर्ट में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा. इस तरह इन्होंने इशारों-इशारों में ही चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को कटघरे में खड़ा किया है. सोशल मीडिया पर आज यह खबर सबसे ज्यादा चर्चा में है और यहां एक बड़े तबके ने सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता संकट में आने पर चिंता जताई है. कार्टूनिस्ट मंजुल की ट्विटर पर चुटकी है, ‘जो बात सब जानते थे आज खुलकर सामने आ गई है. इस देश का हर इंस्टिट्यूशन छंगामल इंटर कॉलेज की तरह चल रहा है.’

इस घटनाक्रम को लेकर यहां जजों की तारीफ भी हो रही है. वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई का ट्वीट है, ‘इस देश के सार्वजनिक जीवन में जो चीज अमूमन नहीं दिखती… एक किस्म का दम… वो इन चार जजों ने दिखाया है….और इसके लिए इनका आभार.’ सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प बात यह भी देखी जा रही है कि यहां कई भाजपा समर्थकों ने इस घटना के बहाने इन चार जजों की आलोचना करते हुए टिप्पणियां की हैं. ट्विटर हैंडल ‏ @vineet_4691 पर ऐसी ही टिप्पणी है, ‘… तो क्या अवॉर्ड वापसी गैंग और असहिष्णुता की वापसी हो गई है.’ वहीं केसी सिंह ने सवाल उठाया है, ‘यह बड़ी ही दिलचस्प बात है कि क्यों भाजपा समर्थक, पार्टी से जुड़े वकील और ट्विटर यूजर चीफ जस्टिस की तरफ हैं… इसका क्या मतलब है मैं आप पर छोड़ता हूं.’

सोशल मीडिया में इस घटनाक्रम पर आई कुछ और टिप्पणियां :

विकास कुमार | facebook/vikas.kumar.888

महीने में एक बार होने वाले ‘मन की बात’ पर भारी है जजों की ये एक मन की बात.

रमेश श्रीवत्स | @rameshsrivats

… अब हम सुप्रीम कोर्ट के जजों के बीच विवाद सुलझाने के लिए भी सुप्रीम कोर्ट बना सकते हैं.

शिवज विज | @DilliDurAst

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों द्वारा विरोध जताने का असाधारण काम भारतीय लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण है. हर देशभक्त भारतीय को इन पर गर्व करना चाहिए. शीर्ष अदालत भी संविधान और जनता के प्रति उत्तरदायी है. चीफ जस्टिस कानून से ऊपर नहीं हैं.

मंजुल | @MANJULtoons

जस्टिस कनाटुंगा |‏ @Kanatunga

सुप्रीम कोर्ट के बागी जजों ने कहा है कि चीफ जस्टिस को हटाना चाहिए कि नहीं इस बात फैसला जनता करेगी. जनता ने अपनी खुन्नस निकालते हुए सुनवाई टालते हुए अगली सुनवाई चार महीने बाद रखी है.

ओम थानवी | @omthanvi

यह सरकार अकसर राग अलापती है – हमारे राज में पहली बार पहली बार. आज जजों के बाहर निकल आने पर सरकार क्या कहेगी? … यह ‘पहली बार’ भी उस को मुबारक!

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