द इंडियन एक्सप्रेस ने अमेरिकी मीडिया के हवाले से बताया है कि राष्ट्रपति के तौर पर उनकी अकेले की इक़लौती पत्रकार वार्ता व्हाइट हाउस में क़रीब साल-सवा साल पहले हुई थी. जल्दबाज़ी में बुलाई गई इस पत्रकार वार्ता में भी उन्होंने मीडिया को लताड़ा ही था. लगभग 77 मिनट तक उन्होंने मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को हटाने के अपने फैसले को सही ठहराया. ट्रंप ने तब इस पर भी जोर दिया था कि चुनाव प्रचार के दौरान उनके साथ जुड़े रहे किसी व्यक्ति रूस से संपर्क नहीं था.

ख़बरों की मानें तो उस एक पत्रकार वार्ता के बाद से अब तक ट्रंप के कार्यालय ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है कि व्हाइट हाउस में वैसा कोई दूसरा आयोजन निकट भविष्य में होने वाला है. हालांकि इसके बावज़ूद व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सराह हकबी सैंडर्स की दलील है कि ट्रंप अन्य कई राष्ट्रपतियों की तुलना में मीडिया से कहीं ज़्यादा मिलते हैं. उन्होंने कहा, ‘समकालीन राष्ट्रपतियों की तुलना में ट्रंप तक मीडिया की पहुंच ज़्यादा है. वे पत्रकारों के सवालों के ज़वाब भी अपेक्षाकृत ज़्यादा और लगातार ही देते रहते हैं.’

लेकिन पिछले काफ़ी समय से व्हाइट हाउस को कवर कर रहीं वरिष्ठ पत्रकार मार्गारेट तालेव इस दलील से सहमत नहीं हैं. वे कहती हैं, ‘यह सब (सैंडर्स की दलील) तो ठीक है लेकिन ऐसी पत्रकार वार्ताएं तो निश्चित ही अब नहीं हो रही हैं जिनमें सिर्फ़ राष्ट्रपति सामने हों और मीडिया उनसे जी खोलकर किसी भी मुद्दे पर सवाल करे. हम उन्हें और उनके स्टाफ को उस परंपरा पर वापस लौटने के लिए लगातार प्रोत्सहित कर रहे हैं.’ तालेव इस वक़्त व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष भी हैं.