लोकप्रिय नेता व पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत गंभीर, अब मेडिकल बुलेटिन का इंतजार

नई दिल्‍ली, N.I.T. :  विरोधियों के बीच भी लोकप्रिय नेता व पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत गंभीर है। स्थिति में सुधार के संकेत नहीं मिले हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की ओर से बताया गया है कि उनकी हालत नाजुक है। पिछले 24 घंटे से उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। थोड़ी देर में एम्स की ओर से हेल्थ बुलेटिन जारी किया जाएगा। सभी हो वाजपेयी के हेल्‍थ बुलेटिन का इंतजार है।

पीएम सहित विरोधी दल के नेता पहुंचे एम्‍स
वाजपेयी की तबीयत में अभी तक कोई सुधार न होते देख एम्‍स अस्पताल के बाहर सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस बल तैनात कर दिय गया है। मंगलवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद पीएम मोदी ने दौरा कर वाजपेयी जी का हाल जाना। एम्‍स में वाजपेयी जी को वेंटिलेटर पर रखा गया है। पीएम मोदी करीब 50 मिनट तक एम्स में रहे। पीएम के अलावा कई और केंद्रीय मंत्रियों ने अस्पताल जाकर वाजपेयी के स्‍वास्‍थ्‍य की जानकारी ली। पक्ष-विपक्ष के तमाम नेताओं ने ट्वीट कर वाजपेयी के दीर्घायु होने की कामना की। लालू के बेटे तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर अटल बिहारी वाजपेयी के जल्द ठीक होने की कामना की।

यूरिन और किडनी में बढ़ गया है इंफेक्‍शन
93 वर्षीय पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी बीते 11 जून से अस्पताल में भर्ती हैं। वाजपेयी एम्स के कार्डियो थोरेसिक सेंटर के गहन चिकित्सा कक्ष में हैं। जानकारी के मुताबिक एम्स में भर्ती अटल बिहारी वाजपेयी की हालत पिछले 24 घंटे में ज्यादा बिगड़ गई। उनके यूरिन, सीने और किडनी में इंफेक्शन बढ़ गया है। डॉक्टरों का पैनल उनकी निगरानी कर रहा है। इससे पहले भी पीएम मोदी ने 29 जून को एम्स पहुंचकर वाजपेयी की सेहत का जायजा लिया था। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी के अलावा पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, संघ प्रमुख मोहन भागवत समेत कई हस्तियों ने एम्स जाकर वाजपेयी की सेहत का हाल जाना था।

कार्यकाल पूरा करने वाले पहले गैर कांग्रेसी पीएम
आपको बता दें कि 25 दिसंबर, 1924 में जन्मे वाजपेयी ने भारत छोड़ो आंदोलन के जरिए 1942 में भारतीय राजनीति में कदम रखा था। वर्तमान में अन्‍य बीमारियों के साथ वो डिमेंशिया नाम की गंभीर बीमारी से भी जूझ रहे हैं। 2009 से ही व्हीलचेयर पर हैं। कुछ समय पहले भारत सरकार ने उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया था। अटल बिहारी वायपेयी 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में लखनऊ से लोकसभा सदस्य चुने गए थे। वो बतौर पीएम अपना कार्यकाल पूर्ण करने वाले पहले और अभी तक एकमात्र गैर-कांग्रेसी नेता हैं।

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