Medical Special Report: केडी हास्पीटल में मात्र एक ऑपरेशन के ज़रिए Artificial knee डलवायें

  • क्या आप की उम्र साठ साल से ज्यादा है।
  • फ्रिजीलिटी फ्रैक्चर अधिकतर बुजुर्ग महिलाओं में कैल्सियम की कमी से होजाता हैं।
  • मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल की हड्डी रोग विभाग में होजाता हैं इलाज।

 

मथुरा, N.I.T. : क्या आप की उम्र साठ साल से ज्यादा है। क्या आपकी हड्डियां कैल्सियम और विटामिन डी की कमी से कमजोर हो गई हैं। यदि हां तो साठ या इससे अधिक की उम्र पार लेने पर आपको फ्रिजीलिटी फैक्चर होने की काफी संभावना है। इस फैक्चर का आपको पता तक भी नहीं चलेगा। ये फ्रिजीलिटी फ्रैक्चर अधिकतर बुजुर्ग महिलाओं में कैल्सियम की कमी से मायादेवी की तरह से होने की प्रबल संभावना होती है। आपको भी ‘ज्यादा वजन‘ होने पर मायादेवी की तरह से बिस्तर पर लेटे रहने के लिए मजबूर होना पड रहा हो तो आप केडी हास्पीटल की ओपीडी में डा. अमन गोयल से परामर्श ले सकते हैं। आॅपरेशन के बाद आप भी सत्तर साल की उम्र में मायादेवी की तरह से चल फिर सकेंगे।

“मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल के डा. अमन गोयल ने छह माह से बिस्तर पर पडी महिला को Artificial knee आॅपरेशन के दो दिन वाॅकर से वार्ड में घूमने की दी आजादी।”

मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल की हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में डा. अमन गोयल से फरीदाबाद निवासी सत्तर वर्षीय माया देवी ने परामर्श मांगा। उन्होंने बताया कि वे छह माह से बिस्तर भी उतर नहीं सकी हैं। चलने फिरने में मजबूर हैं। अपाहिजों के जैसा जीवन गुजार रही हैं। डा. अमन गोयल ने जरुरी जांचें कराने के बाद परिजनों को परामर्श दिया कि मरीज के दोनों घुटने बदलने के अलावा फ्रिजीलिटी फैक्चर को भी जोडना पडेगा। परिजनों की सहमति से डा. अमन गोयल के नेतृत्व वाली टीम डा. बीपीएस भदौरिया, डा. आनंद और एनथिस्ट डा. निजावन, सहायक पवन ने आॅपरेशन को सफलता पूर्वक कर दिया। मरीज के साथ आए परिजनों ने बताया कि उनसे फरीदाबाद के कई नामीगिरामी चिकित्सालयों में कई लाख की मांग की थी। जिसे वे नहीं अदा करने में नाकाम रहे। उन्हें एक पडोसी ने केडी हास्पीटल के बारे में जानकारी दी। यहां पर पूरे आॅपरेशन में मात्र एक लाख बीस हजार रुपये खर्च हुए। जो कि हमारे बजट के अंदर थे।

‘प्रेस्फिट स्टेम‘ तकनीक से एक स्टेप में ही किया आॅपरेशन-डा. अमन गोयल
मथुरा। मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल की ओपीडी में मौजूद डा. अमन गोयल ने बताया कि उन्होंने मरीज माया देवी को लेटेस्ट एंड एडवांस ‘प्रेस्फिट स्टेम‘ तकनीक से मात्र एक ही आॅपरेशन में चलने फिरने में सक्षम बना दिया। उन्होंने बताया कि टूटी हड्डी में बोन क्राफ्ट अलग से नहीं लेना पडा। जबकि आमतौर पर ऐसे आॅपरेशन में मरीजों को चिकित्सक तीन स्टेप के तहत पूरा करते हैं। पहले स्टेप में हड्डी जोडने के लिए रोड डालनी होती है। दूसरे स्टेप में रोड निकालनी होती है। फिर तीसरे स्टेप के आॅपरेशन में घुटना बदलना होता है। इससे तीन आॅपरेशन में समय और खर्चा तीन गुना, मरीज को परेशानी तीन गुनी होती है।

डा. अमन गोयल की काबिलियत और व्यवहार उत्तम-डा. राम किशोर अग्रवाल
मथुरा। आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि ब्रज क्षेत्र के बुजुर्गाें को नियमित हड्डियों और स्वास्थ्य की जांच को केडी हास्पीटल आना चाहिए। इस उम्र में कैल्सियम की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। इससे फ्रिजीलिटी फ्रैक्चर अधिकतर बुजुर्ग महिलाओं में होने की संभावना होती है। मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल के हड्डी रोग विभाग में डा. अमन गोयल समेत अन्य टीमें काफी अच्छे से काम कर रही हैं। मरीज डा. अमन गोयल के चिकित्सकीय कार्य के साथ मधुर व्यवहार की प्रशंसा करते देखे जा रहे हैं। वे मरीज को स्थायी राहत देने का कार्य कर रहे हैं। ब्रजवासी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के लिए दिल्ली या आगरा जाने के बजाय केडी हास्पीटल में ही इलाज कराएं।

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