मुख्‍य आरोपी योगेश राज ने कहा, बुलंदशहर हिंसा से मेरा कोई लेना-देना नहीं

बुलंदशहर, N.I.T. :  बुलंदशहर में गोहत्‍या के शक में हुई व्‍यापक हिंसा का मुख्‍य आरोपी बजरंग दल का जिला संयोजक योगेश राज अब सामने आ गया है। उसने एक वीडियो जारी करके दावा किया है कि उसका हिंसा की घटना से कोई लेना-देना नहीं है।
पुलिस उसे अपराधियों की तरह से पेश कर रही है जबकि वह इस मामले में पूरी तरह से निर्दोष है। उसने यह भी कहा कि घटना के वक्‍त वह स्‍याना थाने में था।
योगेश राज ने कहा, ‘पुलिस मुझे इस तरह से पेश कर रही है जैसे मेरा बहुत बड़ा आपराधिक इतिहास हो। मैं बताना चाहता हूं कि उस दिन दो घटनाएं हुई थीं। पहली स्‍याना गांव के पास के गांव में गोकशी की घटना हुई थी। इसकी सूचना पाकर मैं वहां पहुंचा था। इस मामले पुलिस अधिकारी घटना स्‍थल पर पहुंचे थे। मामले को शांत कराकर हम स्‍याना थाने में लौट आए।’
उसने कहा, ‘स्‍याना थाने में बैठे-बैठे हमें जानकारी मिली कि उक्‍त स्‍थान पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया है और वहां फायरिंग हुई है। इसमें एक आम आदमी और एक पुलिस वाले को गोली लगी है। मैं इस दूसरी घटना के दौरान मैं मौजूद नहीं था। मेरा दूसरी घटना से कोई लेना-देना नहीं है। भगवान मुझे न्‍याय दिलाएंगे।’ उसने सवाल किया कि जब थाने में गोकशी में पुलिस मामला दर्ज कर रही थी, बजरंग दल बवाल क्‍यों करता ?
बता दें कि पुलिस एफआईआर के मुताबिक योगेश राज ने सोमवार को हिंसक भीड़ की अगुआई की थी। यह स्याना के नयाबांस गांव का रहने वाला है और पहले भी कई विवादों में इसका नाम आ चुका है। पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 302, 333, 353, 427, 436, 394 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस एफआईआर के अनुसार योगेश राज अपने साथियों के साथ मिलकर भीड़ को भड़का रहा था।
घटना के बाद से ही योगेश राज फरार चल रहा है और उसको पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उधर, चिंगरावठी गांव में भीड़ की हिंसा में दो लोगों की जान जाने के बाद बुधवार को यहां तनाव छाया रहा। ग्रामीणों ने दावा किया कि कई लोग पुलिस कार्यवाही के डर से घर छोड़कर चले गये हैं और सरकारी स्कूलों में बच्चे पढ़ने नहीं आ रहे। गांव में और आसपास कड़ी सुरक्षा की गयी थी जो बुधवार को थोड़ी कम दिखाई दी।
चिंगरावठी पुलिस चौकी और गांव के आसपास आरएएफ, यूपी पीएसी और स्थानीय पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। सोमवार को भीड़ की हिंसा का शिकार हुई पुलिस चौकी के पास में बनाये गये अस्थाई दफ्त्तर में पीएसी की एक छोटी टुकड़ी तैनात दिखी। आसपास के नयाबांस और महाव गांवों में पुलिस तैनात की गई है। चिंगरावठी के पास महाव गांव के बाहर जंगल में पशुओं के कंकाल मिलने के बाद हिंसा भड़क गई थी जिसमें गोली लगने से 20 साल के सुमित कुमार की मौत हो गई। हिंसा में पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार भी मारे गए।
-एजेंसियां

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