पढ़े, ऐसा क्यो कहा था Kader Khan .. मैं अमिताभ को “सर जी” कहता तो मेरा करियर खत्म नहीं होता..?

मुंबई, N.I.T. :  Kader Khan ने पत्रकारों के साथ एक बातचीत में इस बात का खुलासा किया कि महानायक अमिताभ बच्चन ही वो शख्‍स थे जिन्‍होंने अपने गुरूर के चलते उनके करियर को तबाह कर दिया। उनके (कादर खान) शब्द थे, ‘अगर मैं अमित को सरजी कहकर बुलाना शुरू कर देता तो मेरा करियर यूं एकाएक खत्म न हो जाता।’ Kader Khan ने फिर पूरा वाकया भी सुनाया।

बात करीब छह सात साल पहले की है, Kader Khan अपने कुछ पुराने पत्रकार मित्रों के साथ बैठे गपशप कर रहे थे और जिक्र निकल आया अमिताभ बच्चन का। पहले तो कादर खान देर तक इस मसले पर कुछ नहीं बोले। बोले क्या दरअसल वह अमिताभ बच्चन का नाम सुनकर बिल्कुल शांत हो गए थे। फिर, उन्होंने जो कुछ कहा उसे सुनकर हर कोई अवाक रह गया था।

उन्होंने बताया कि कैसे दक्षिण भारत के एक प्रोड्यूसर ने एक बार उनसे मिलकर इस बारे में बात की थी। एक फिल्म में उन्हें बतौर संवाद लेखक लेने के बात चल रही थी और उस निर्माता ने कादर खान से कहा कि आप ‘सर जी’ से मिल लो। इस पर कादर खान ने सवाल किया, कौन सर जी?

निर्माता ने कहा कि आप ‘सर जी’ को नहीं जानते

निर्माता ने कहा कि आप ‘सर जी’ को नहीं जानते। अरे, अमिताभ बच्चन। कादर खान ने छूटते ही पूछा कि ये सर जी कब से हो गया। तब तक फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने अमिताभ बच्चन को ‘सर जी’ कहकर बुलाना शुरू कर दिया था। कादर खान ने साफ कहा कि मैं अमिताभ बच्चन को अमित कहकर ही बुलाता था और दोस्तों को, घर वालों को वह कभी ‘जी’ संबोधन के साथ नहीं बुला सकते।

कादर खान ने उस बातचीत में माना भी कि इसी के चलते उन्हें खुदा गवाह से बाहर किया गया। मनमोहन देसाई की फिल्म गंगा जमना सरस्वती आधी लिखने के बाद उन्हें छोड़नी पड़ी और भी अमिताभ बच्चन की तमाम अंडर प्रोडक्शन फिल्में थी, जिनमें वह बतौर कलाकार या लेखक शामिल थे, लेकिन ये सारी फिल्में उनके हाथ से सिर्फ इसलिए निकल गईं क्योंकि अमिताभ बच्चन को ‘सर जी’ कहना उन्हें मंजूर नहीं हुआ।

अमिताभ के अलावा दूसरे कलाकार जिसने देसाई-मेहरा दोनों खेमों में किया काम

कम लोग ही जानते होंगे कि अपने सुपरस्टारडम के दौर में जैसे राजेश खन्ना ने सलीम जावेद को हाथी मेरे साथी में ब्रेक दिया था, वैसे ही राजेश खन्ना ने ही पहली बार कादर खान को अपनी फिल्म रोटी में बतौर डॉयलॉग राइटर ब्रेक दिया। कादर खान ने इसके बाद राजेश खन्ना की तमाम फिल्मों के संवाद लिखे। कादर खान ने जितेंद्र की दूसरी पारी में श्रीदेवी के साथ आई फिल्म तोहफा के बाद उनकी तकरीबन सभी फिल्मों के भी संवाद लिखे।

अमिताभ बच्चन जब शोहरत की बुलंदियां छू रहे थे तो कादर खान ने मनमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा की तमाम फिल्मों के संवाद लिखे। अमिताभ के अलावा वह दूसरे ऐसे कलाकार रहे जो देसाई और मेहरा दोनों खेमों में काम करते थे।

अग्निपथ और नसीब की पटकथाएं भी कादर खान ने ही लिखीं

मनमोहन देसाई के लिए कादर खान ने धर्मवीर, कुली, देश प्रेमी, सुहाग, परवरिश और अमर अकबर एंथनी के संवाद लिखे तो प्रकाश मेहरा के लिए कादर खान की लिखी फिल्मों में ज्वालामुखी, शराबी, लावारिस औऱ मुकद्दर का सिकंदर शामिल हैं।

इसके अलावा कादर खान ने जिन अन्य सुपरहिट फिल्मों के संवाद लिखे, उनमें मि. नटवरलाल, खून पसीना, दो और दो पांच, सत्ते पे सत्ता, इंकलाब, गिरफ्तार, हम और अग्निपथ शामिल हैं। अग्निपथ और नसीब की पटकथाएं भी कादर खान ने ही लिखीं।

 

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