फर्जी काल से रहे सावधान, मित्र व रिश्तेदार बनकर कर रहे लोगो के साथ छलावा,कानून की नही है सख्ती

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अमित अग्रवाल,  चौमहला/झालावाड, N.I.T. : झालावाड ज़िले के चौमहला क़स्बे में लगातार रिश्तेदार व मित्र बनकर फर्जी काल के माध्यम से एटीएम के नंबर पूछकर व बैंक खाते से खुद के द्वारा दिये जा रहे बैंक खाते में लुभावनी बाते कर पैसे डालने की मांग की जाने की घटनाएं सामने आई है। ये ऑनलाइन ठगी के प्रयास के तरीक़े है। हाल ही में क़स्बे के तीन अध्यापको के पास इस तरह के कॉल आये।

क़स्बे के विवेकानंद विश्वकर्मा ने बताया कि उसका एसबीआई बैंक में खाता है।एक अज्ञात व्यक्ति ने गुरूवार को उनके मोबाइल पर 8690127937 नम्बर से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को उनका मित्र बताते हुए इधर-उधर की बातें की और कहा किउसके किसी रुपए लेने है और एटीएम से ट्रांसफ़र करने को राज़ी है लेकिन उसने ख़ुद का एटीएम ब्लॉक होने की बात कहते हुए मेरे एटीएम नम्बर माँगे और रुपए भी बाद में लेने की बात कही। जब उससे रुपए खाते में ट्रांसफ़र करने की बात कही तो वो एटीएम कार्ड से एटीएम कार्ड में ही ट्रान्सफ़र करने की विवशता भरी बातें कर अड़ा रहा और बात बनती नही देख कॉल कट कर दिया। इसी तरह के कॉल गुरूवार को विनोद निगम और प्रेमवल्लभ भारद्वाज को भी इसी नम्बर से किए गए। और तीनो के मोबाइल नंबर एक ही सिरीज़ के है सिर्फ़ पीछे के अंक अलग है।

लगातार हो रही घटनाए-
कुछ वर्ष पूर्व तक बैंकों में जमा करवाई गई नकदी को सुरक्षित समझा जाता था लेकिन अब धीरे-धीरे बैंक खाते में असुरक्षित होते जा रहे है। कुछ समय के दौरान सैकड़ों ऐसे मामले सामने आए है जब उपभोक्ताओं से फर्जी बैंक अधिकारी, रिश्तेदार,मित्र बनकर एटीएम संबंधी जानकारी लेकर या ऑनलाइन ट्रांसफर करवाकर उनकी जीवन भर की जमा-पूंजी चंद समय में उड़ा ले जाते है।

लोग नहीं है जागरूक
एटीएम कार्ड धारक उपभोक्ताओं के साथ इस प्रकार ऑनलाइन ठगी की वारदातें सामने आने के बाद सभी बैंक उपभोक्ताओं को फोन पर लुभावने काल व संदेश भेजकर अपना एटीएम नंबर व पासवर्ड किसी को भी न बताने की हिदायत देते रहते है लेकिन उपभोक्ता इस संबंध में समझने को तैयार नहीं है। एक फोन आते ही वे अपनी सारी गोपनीय जानकारियां अपराधियों को उपलब्ध करवा देते है।

कैसे होगा कैशलेस

नोटबंदी के बाद से केंद्र व प्रदेश सरकार सब कुछ कैशलेस करने के लिए लोगों से अपील कर रही है लेकिन अभी तक ऑनलाइन सिक्योरिटी सिस्टम को सुरक्षित नहीं कर पाई। जिसके चलते ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ते ही जा रहे है। और जागरुकता के अभाव में इसके ज़्यादातर शिकार ग्रामीण क्षेत्र के लोग होते है।

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