नौसेना की दूसरी सबसे अत्याधुनिक पनडुब्बी INS खंडेरी भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल

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मुंबई, N.I.T. : नौसेना की दूसरी सबसे अत्याधुनिक पनडुब्बी INS खंडेरी भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल हो गई है। ‘साइलंट किलर’ कही जाने वाली INS खंडेरी पानी में दुश्मन पर सबसे पहले प्रहार करने वाली कलवरी श्रेणी की दूसरी डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी है।
इसके बेड़े में शामिल होने से समंदर में नौसेना को नई ताकत मिल गई है। 300 किलोमीटर दूर स्थित दुश्मन के जहाज को नष्ट करने की क्षमता रखने वाली INS खंडेरी शत्रुओं के लिए काल है।
45 दिन पानी में रहने में सक्षम
INS खंडेरी भारतीय समुद्री सीमा की सुरक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम है। अत्याधुनिक तकनीक से लैश खंडेरी में टॉरपीडो और एंटीशिप मिसाइलें तैनात की जाएंगी। ये पानी से पानी और पानी से किसी भी युद्धपोत को ध्वस्त करने की क्षमता रखती हैं। INS खंडेरी पानी के भीतर 45 दिनों तक रह सकती है। इसी के साथ देश में निर्मित यह पनडुब्बी एक घंटे में 35 किलोमीटर की दूरी आसानी से तय कर सकती है। 67 मीटर लंबी, 6.2 मीटर चौड़ी और 12.3 मीटर की ऊंचाई वाली पनडुब्बी का कुल वजन 1550 टन है। इसमें 36 से अधिक नौसैनिक रह सकते हैं। दुश्मन सेना के छक्के छुड़ाने की ताकत रखने वाली खंडेरी सागर में 300 मीटर की गहराई तक जा सकती है। कोई भी रेडार इसका पता नहीं लगा सकता है।
एक बार में 12 हजार किमी का सफर
एक बार पानी में जाने के बाद INS खंडेरी 12 हजार किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है। खंडेरी बैटरी पर चलने वाली पनडुब्बी है। लंबे समय तक पानी में रहने के लिए इसमें 750 किलो की 360 बैटरी लगाई गई हैं। बैटरी को चार्ज करने के लिए इसमें 1250 वॉट्स के 2 डीजल जनरेटर लगाए गए हैं।
विश्व की सबसे शांत पनडुब्बी
रेडार, सोनार, इंजन समेत इसमें छोटे बड़े 1000 से अधिक उपकरण लगे हुए हैं। इसके बावजूद बगैर आवाज किए यह पानी में चलने वाली विश्व की सबसे शांत पनडुब्बियों में से एक है। इस वजह से रेडार आसानी से इसका पता नहीं लगा सकते हैं। इसे ‘साइलंट किलर’ भी कहते हैं।
शिवाजी महाराज के दुर्ग पर नामकरण
खंडेरी का नाम महान मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज के खंडेरी दुर्ग के नाम पर रखा गया है। इस दुर्ग या किले की खासियत यह थी कि यह एक जल दुर्ग था मतलब चारों और पानी से घिरा हुआ इसलिए दुश्‍मन के लिए अभेद्य था।
खासियतें
लंबाई: 67 मीटर
चौड़ी: 6.2 मीटर
ऊंचाई: 12.3 मीटर
कुल वजन: 1550 टन
रफ्तार: 35 किमी प्रति घंटा
बैटरी: 360
केबल: 60 किमी
एक बार में 12 हजार किमी का सफर
-एजेंसियां

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